नहीं हुई कर्जमाफी, मध्य प्रदेश के किसान कांग्रेस सरकार से खुश नहीं

आम चुनाव के शंखनाद के साथ ही मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार मध्य प्रदेश में अधिक से अधिक सीटें जीतने की कवायद तो कर रही है, मगर वह अपने ही बुने जाल में बुरी तरह से उलझ गई है। किसानों की कर्जमाफी, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, कर्मचारियों को डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी और अन्य मुद्दों के दम पर चुनाव जीतने वाली कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में विरोधी भाजपा ने घेर लिया है। सोशल मीडिया में कांग्रेस को वायदे न निभाने पर जमकर घेरा जा रहा है और उसे इसका जवाब नहीं सूझ रहा है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के दो दिन पहले ही कमलनाथ सरकार को पिछड़ों के लिए आरक्षण का दायरा 14 से 27 प्रतिशत बढ़ाने का अध्यादेश लाना पड़ा, ताकि डैमेज कंट्रोल किया जा सके। अपने अनुकूल वातावरण बनाने के लिए कमलनाथ सरकार ने प्रिंट और इलेक्टानिक मीडिया को सिर से पांव तक विज्ञापनों से लाद दिया, बावजूद इसके वह अपने खिलाफ पनपे एंटी इनकंबैंसी फैक्टर को कंट्रोल नहीं कर पा रही है।

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