सिमी के पांच आतंकियों को भारी मात्रा में विस्फोटक रखने के लिए आजीवन कारावास

विशेष अदालत (एनआईए) ने बृहस्पतिवार को प्रतिबंधित छात्र इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पांच आतंकियों को अवैध रूप से भारी मात्रा में विस्फोटक रखने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन अधिकारी योगेश तिवारी ने बताया कि एनआईए विशेष न्यायालय के न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने इस मामले में 12 आरोपियों में से पांच आरोपियों उमर, साजिद, सादिक, अबू फैजल व इरफान नागौरी को साक्ष्य के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया है, जबकि दो आरोपी खालिद अहमद और अब्दुल मजीद अक्टूबर 2016 में पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को अब्दुल अजीज, जावेद, अब्दुल वाहिद, जुबेर और मोहम्मद आदिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 8,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

क्या था मामला

मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 1 जनवरी, 2013 को उज्जैन जिले के महिदपुर इलाके में एक छापे के दौरान सिमी के तीन आतंकियों को भारी मात्रा में विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया था, बाद में नौ अन्य आतंकियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। 

पुलिस ने आरोपियों के पास से 800 जिलेटिन की छड़ें, 540 डिटोनेटर, एक जिलेटिन बम, एक पाईप बम और 11 अन्य प्रकार के बम बरामद किए थे। ये सभी विस्फोटक काफी घातक थे और इससे बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा सकता था, जिला सरकारी वकील राजेंद्र उपाध्याय ने आरोपियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।


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