बेरोजगारी दर ने तोड़े रिकॉर्ड,सितंबर 2016 के बाद सबसे ज्यादा

नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार इस मामले को लेकर खेलते हुए नजर आ रही है कि उनके कार्यकाल में किसी को भी रोजगार नहीं मिले हैं वही जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं यह हालत और बिगड़ती जा रही है फरवरी 2019 में भारत में बेरोजगारी दर 7.2 फीसद तक पहुंच गई है जो सितंबर 2016 के बाद से अब तक की सबसे ज्यादा है वही न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमिक सर्विस में यह बात सामने आई है वही आपको बता दें कि इसके अलावा एक और बात सामने आ रही है वह यह है कि पिछले साल के डाटा को देखें तो फरवरी 2018 में बेरोजगारी दर करीब करीब 5.9 फीसद तक रही.

वहीं इसके अलावा जनवरी में आए सीएमआईई की एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि साल 2016 में नोटबंदी और 17 में जीएसटी के लागू होने के बाद 2018 में करीब करीब 1.1 करोड लोगों के हाथों से उनकी नौकरियां चली गई थी इसके अलावा यह भी बात है कि सरकार ने पिछले महीने संसद को बताया था कि छोटे कारोबारी में नौकरियों पर नोट बंदी के असर को लेकर उनके पास कोई भी डाटा मौजूद नहीं है.

वहीं इससे पहले एक अंग्रेजी अखबार द्वारा बेरोजगारी डाटा पर रुकी हुई रिपोर्ट में आंकड़े भी छापे के दौरान आंकड़ों की बात करें तो 2017 से 2018 के बीच में भारत में बेरोजगारी दर 45 सालों की सबसे ऊंची दरों में से एक रही थी.

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