भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर से मिलने अस्पताल पहुंचीं प्रियंका, कहा- लड़के का संघर्ष काबिले तारीफ

मेरठ. कांग्रेस की महासचिव और लोकसभा चुनाव के लिए यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार को भीम आर्मी नाम के संगठन के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचीं। उनके साथ पश्चिमी उप्र के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। इस दौरान प्रियंका ने कहा कि योगी सरकार अपने घमंड में है, वह हर किसी की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

इस दौरान प्रियंका ने कहा कि चंद्रशेखर ने जो संघर्ष किया वह काबिले तारीफ है। इसलिए मैं चंद्रशेखर से मिलने के लिए आई। यह सरकार इतनी अंहकारी बन गई है कि एक नौजवान को कुचलना चाहती है। सरकार ने रोजगार तो दिया नहीं अब आवाज उठाने वालों को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा- हमें इस लड़के का जोश पसंद है जो मजदूरों के खिलाफ आवाज उठाता है। चंद्रशेखर के नगीना सीट से कांग्रेस सिंबल पर चुनाव लड़ने की बात को प्रियंका टाल गई।

प्रियंका ने भाई कहकर हाल पूछा: चंद्रशेखर
चंद्रशेखर ने कहा कि “प्रियंका गांधी ने मानवता के नाम पर भाई कहकर हाल पूछा है। बस इतनी ही बात हुई।” कांग्रेस में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा “मैं चाहता था कि गठबंधन इतना मजबूत हो जाए कि भाजपा के जीतने की कोई संभावना ही ना बचे। नगीना सीट से चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा,” जिसे एमपी बनना हो वो सीट ढूंढेगा। मुझे सासंद बनना नहीं। महागठबंधन एक सीट हमें भी दे। मेरा एजेंडा मोदी को हराना है। मायावती, अखिलेश या मुलायम खुद मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ें।”

मंगलवार को हिरासत में लिय गया था

मंगलवार को बहुजन समाज अधिकार यात्रा निकालते समय चंद्रशेखर को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस दौरान चंद्रशेखर की तबियत बिगड़ गई। फिर उन्हें मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने चंद्रशेखर समेत दो सौ अज्ञात समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

दरअसल, चंद्रशेखर ने सहारनपुर से दिल्ली तक यात्रा निकालने और 15 मार्च को कांशीराम के जन्मदिवस पर संसद के सामने सभा करने की घोषणा की थी। तय कार्यक्रम के मुताबिक, सोमवार को यात्रा सहारनपुर से शुरू हुई। रात्रि प्रवास देवबंद के कासिमपुरा में हुआ। अगले दिन यात्रा मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुई। इस दौरान पुलिस ने यात्रा रोककर चंद्रशेखर को हिरासत में ले लिया। इस पर समर्थकों ने सहारनपुर-मेरठ हाईवे पर हंगामा शुरू कर चंद्रशेखर को रिहा करने की मांग की थी।

2015 में बना था संगठन

भीम आर्मी नाम के संगठन की स्थापना दलितों के हितों की रक्षा के मकसद से वर्ष 2015 में हुई थी। हालांकि, इसके अध्यक्ष चंद्रशेखर का नाम उस समय चर्चा में आया जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में दलितों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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