केदारनाथ हेलीकाप्टर सेवा की निविदा शर्तों में ढील, बाहरी कंपनियों के लिए सुनहरा मौका

उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) ने केदारनाथ हेलीकाप्टर सेवा की निविदा शर्तों में ढील देकर बाहरी कंपनियों को मौका दिया है। कई ऐसी कंपनियों ने भी निविदा में भाग लिया है, जिनके पास दुर्गम क्षेत्रों में उड़ान का कोई अनुभव ही नहीं है। 15 मार्च को हेलीकाप्टर सेवा की निविदाएं खोली जाएंगी। जिसमें 14 एविएशन कंपनियां प्रतिभाग करेंगी। नौ मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि तय हो चुकी है। इससे पहले केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को हेलीकाप्टर सुविधा मिल सके, इसके लिए सेवा की निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस बार यूकाडा ने निविदा की शर्तों में ढील देकर बाहरी कंपनियों को मौका दिया है। 

जिससे हेलीकाप्टर सेवा संचालित करने वाली कंपनियों में प्रतिस्पर्धा पैदा हुई है। टेंडर में नौ कंपनियों को हेलीकाप्टर सेवा के लिए चयनित किया जाएगा। यूकाडा ने 10 साल से अधिक पुराने हेलीकाप्टर की शर्त समाप्त कर दी है। बाहरी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए चार नए हेलीपैड बनाने को मंजूरी दी है, जबकि केदारघाटी में पहले से 14 हेलीपैड हैं।

…नहीं बढ़ेगी क्षमता

डीजीसीए के मानकों के अनुसार केदारघाटी में किसी भी समय छह से ज्यादा हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सकते हैं, लेकिन यूकाडा हेली सेवा के लिए नौ कंपनियों को अनुमति देने जा रही है।

मतलब यह कि हेलीकाप्टरों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को लाने व ले जाने की क्षमता में बढ़ोत्तरी नहीं होगी। वहीं, अनुभवहीन कंपनियां यदि ठीक से सेवा को संचालित नहीं कर पाती हैं तो यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

केदारनाथ हेलीकाप्टर सेवा की निविदा 15 मार्च को खोली जाएगी। टेंडर शर्तों में बदलाव करने के पीछे यही मकसद था कि हेलीकाप्टर सेवा में कुछ कंपनियों का वर्चस्व समाप्त हो। बाहरी कंपनियों को भी मौका मिलने से किराये में कमी होगी। सुरक्षा मानक यूकाडा तय नहीं करता है। डीजीसीए के मानकों के अनुसार निविदा की शर्तें रखी गई हैं, उसी के अनुसार केदारनाथ हेलीकाप्टर सेवा का संचालन होगा। चार निजी हेलीपैड को मंजूरी देने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा।

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